Gaali Dene Ke Fayde || गाली देने के फायदे

वैसे तो गाली देना बहुत गंदी आदत है लेकिन कई मौकों पर गाली देने से इंसान को काफी सारे फायदा भी होते है। तो Friends आज की इस Post में हम आपको बताएंगे कि गाली देने से हमें क्या - क्या फ़ायदे हो सकते हैं।




गाली देने के फायदे 



जैसा कि मैं आप सभी को शुरुवात में भी बता चुका हूं कि वैसे तो गाली देना एक गंदी आदत हैं लेकिन कई मौकों पर गाली देने से इंसान को काफी ज्यादा फायदे भी होते हैं। लेकिन अब आप मे से कई सारे लोगो के दिमाग मे एक सवाल घूम रहा होगा कि गाली देने से भला हमें क्या फायदे हो सकते हैं। तो मैं आपको बता दूं कि गाली देने से हमे बहुत फायदे होते हैं और यह 100% सत्य हैं। 

आपने अकसर देखा होगा कि गुस्से के समय शांत रहने वाला या चुपचाप अत्याचार सहने वाले इंसान को Heart Attack आ जाता है, या तो उसका दिमाग हैमरेज हो जाता है या फिर वह Depression का शिकार होने लगता है या तो उस इंसान को मानसिक तनाव रहने लगता है और यहाँ तक कि वह आत्महत्या भी कर लेता है। लेकिन गाली देने वाला इंसान स्वस्थ्य और जोश से भरा हुआ दिखाई देता है।


गुस्से में गाली देने के फायदे 

तो चलिए अब जानते हैं की गुस्से में गाली देने से हमें क्या - क्या फायदे हो सकते हैं? 

आपने देखा होगा कि जब किसी इंसान को गुस्सा आता हैं और वह इंसान गुस्से के समय एक दम शांत रहता हैं तो वह इंसान गुस्से के समय शांत रहने की वजह से depression में चला जाता हैं और फिर जिसकी वजह से वह इंसान Depression का शिकार हो जाता हैं। Depression का शिकार होने की वजह से वह इंसान फिर बात बात पर चिढ़ने लगता हैं। और कही ना कही फिर वह खुद को अकेला Feel करने लगता हैं।

जबकि वही गुस्से के समय जो इंसान गाली देता हैं वह इंसान ना तो Depression में जाता हैं बल्कि बाद में वह गाली ना देने वाले इंसान की तुलना में ज्यादा खुश नजर आता हैं और ना ही वह खुद को अकेला Feel करता हैं।

और यहाँ तक कि गुस्से में अगर हम किसी इंसान को गाली देते हैं तो इस से हमारा दिल और दिमाग दोनों सन्तुष्ट रहते हैं और जिससे शरीर के अंदर की स्थिति हमारे नियंत्रण में आ जाती हैं।

शोध के अनुसार - जो इंसान गुस्से के समय गाली देते हैं वह उन इंसानो के मुकाबले में ज्यादा फुर्तीले रहते हैं जो की गुस्से के समय गाली नही देते। क्योंकि गाली देने से शरीर के अंदर जो गुस्से का दबाव बना होता है। वह बाहर निकल जाता है। गाली शरीर में गुस्से के दौरान उत्पन्न होने वाले नुकसानदायक कैमिकल को कम करता है और अधिक मात्रा मेंं कैमिकल को बनने से भी रोकता है।

अत्याचार की स्थिति में या लड़ाई की स्थिति में हमारे दिमाग पर मानसिक तनाव बढ़ता है, लेकिन जब हम उस स्थिति में जी भर कर गाली दे देते हैं तो गाली देने से मानसिक तनाव अपने आप कम होने लगता है। गुस्से में रक्त का दबाव बढ़ता है और उससे सांस फूलने लगती है, जबकि गुस्से के समय गाली देते रहने से रक्त संचार संतुलित बना रहता है।

यदि आप खुद को स्वस्थ रखना चाहते है तो क्रोध और तनाव की स्थिति में दिल खोल कर, जी भर कर, चिल्ला चिल्ला कर गाली दीजिये और तब तक गाली दीजिये जब तक आप संतुष्ट ना हो जाए या आपके दिमाग में नुक्सान दायक कैमिकल बनना बंद ना हो जाए।

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